आपको आयुष मलिक याद हैं? उत्तर प्रदेश के शामली का वही लड़का, जिसका कथित धर्मांतरण मामला कुछ महीने पहले सोशल मीडिया से लेकर कानूनी गलियारों तक में खूब गूंजा था शुरुआत में एक करोड़पति दवा कारोबारी के बेटे आयुष ने खुद मीडिया के सामने आकर दावा किया था कि उसने बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से इस्लाम धर्म अपना लिया है और अपना नाम 'मोहम्मद अली' रख लिया है इसके बाद आयुष के पिता की शिकायत पर पुलिस ने अवैध धर्मांतरण के तहत मुकदमा दर्ज कर उसकी कथित पत्नी चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को जेल भेज दिया था।

इस बीच, जून के आखिरी हफ्ते में इस मामले में एक बड़ा मोड़ तब आया जब आयुष मलिक का एक वीडियो सामने आया उस वीडियो में उसने अपने परिवार की मर्जी का सम्मान करते हुए दोबारा सनातन धर्म अपनाने और 'घर वापसी' करने का दावा किया, साथ ही अपने माता-पिता से माफी भी मांगी लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि उस 'घर वापसी' वाले वीडियो के बाद से आयुष को कथित तौर पर पूरी तरह से समाज से दूर कर दिया गया था और सार्वजनिक रूप से उसके बारे में कोई भी खबर सामने नहीं आई ।

वह कहां है और किस हाल में है, इस सन्नाटे को तोड़ते हुए आयुष के एक दोस्त ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर दी याचिका में आरोप लगाया गया कि 'घर वापसी' के बाद से आयुष को उसके परिवार ने सरकारी मशीनरी की मिलीभगत से अवैध हिरासत में रखा हुआ है और उसकी व्यक्तिगत आजादी को छीन लिया गया है।

इस बेहद गंभीर आरोप पर संज्ञान लेते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है जस्टिस संदीप जैन की बेंच ने टिप्पणी की कि दस्तावेजों से पहली नजर में यही लगता है कि आयुष ने अपनी मर्जी से इस्लाम अपनाया था और चांदनी से शादी की थी कोर्ट ने आयुष के पिता देवराज सिंह मलिक को नोटिस जारी करते हुए पुलिस को साफ लफ्जों में निर्देश दिया है कि आयुष मलिक को 16 सितंबर, 2026 को हर हाल में अदालत के सामने पेश किया जाए।

महीनों के रहस्यमयी सन्नाटे और समाज से कटी हुई जिंदगी के बाद, अब पूरे देश की नजरें 16 सितंबर को अदालत में होने वाले आयुष के बयान पर टिकी हैं, क्योंकि वही आकर साफ करेगा कि उसकी 'घर वापसी' और उसकी मौजूदा स्थिति की असली हकीकत क्या है।