बुशरा बानो सऊदी यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर थीं। हस्बैंड की भी अच्छी नौकरी थी, दो बच्चों के साथ बढ़िया जिंदगी गुजर रही थी। बढ़िया एयर क्वालिटी, साफ सुथरा पानी और रियाल में तनख्वाह थी।

लेकिन बुशरा को देश प्रेम खींच रहा था लिहाजा हस्बैंड से कहा कि भारत वापस चलते हैं वहां चलकर UPSC का एग्जाम दूंगी और IPS ऑफिसर बनकर देश की सेवा करूंगी।

2016 में सऊदी छोड़कर इंडिया वापस आईं, UPSC का एग्जाम क्लियर किया और IPS ऑफिसर बन गई।

असली बात यह है कि बुशरा ने बीते दिनों एक वीडियो कॉल जो की "सरकारी कार्यक्रम" का हिस्सा नहीं थी. उसमें अपनी जर्नी शेयर कर रही थीं। हर मुसलमान की तरह उन्होंने भी शुरुआत "सलाम" से किया इंशाल्लाह, जज़ाकल्लाह जैसे लफ्ज़ का इस्तेमाल किया.

बस फिर क्या था सुदर्शन न्यूज़ और राइटविंगर्स ने बुशरा को टारगेट करना शुरू किया यह कहते हुए की जय हिंद,वंदे मातरम के बजाय सलाम क्यों किया।

इन गोडसे की औलादों से पूछना था कि वर्दी में कांवड़ियों का पैर क्यों दबाया जाता है और वर्दी में संभल में अनुज चौधरी धार्मिक यात्रा में गदा लेकर क्यों चलता है...

नियम कानून सिर्फ मुस्लिमों अधिकारों के लिए ही है?