कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी (Saad al-Kaabi) ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी पुष्टि की। उन्होंने इसे "तकनीकी दुर्घटना" बताया और कहा कि यह सबोटाज या दुश्मनी का परिणाम नहीं है। विस्फोट प्लांट को दोबारा शुरू करने की कोशिश के दौरान हुआ। प्लांट दिसंबर 2025 से बंद था (ईरान से जुड़ी घटनाओं के बाद) और हाल ही में ऑपरेशंस फिर शुरू किए जा रहे थे।
मुख्य बातें:
- मृतकों की पुष्टि: भारतीय दूतावास (दोहा) ने भी 12 भारतीयों की मौत की पुष्टि की। घायलों का इलाज चल रहा है।
- प्रभाव: आग पर काबू पा लिया गया। कोई हानिकारक गैस लीक नहीं हुई। LNG एक्सपोर्ट्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा। QatarEnergy ने पूर्ण जांच शुरू कर दी है।
- बैकग्राउंड: रास लफ्फान दुनिया का सबसे बड़ा LNG हब है। पहले ईरान से जुड़ी बमबारी से नुकसान हुआ था।
यह घटना भारतीय समुदाय के लिए बेहद दुखद है, क्योंकि कतर में हजारों भारतीय काम करते हैं। विदेश मंत्रालय और दूतावास प्रभावित परिवारों से संपर्क में हैं।